Chief Minister inaugurates Heliport in Shimla
12th January, 2022

Chief Minister Jai Ram Thakur today inaugurated Heliport near Sanjauli-Dhalli bye-pass constructed by spending an amount of Rs. 18 crore. While interacting with the media, Chief Minister said that the Government of India has provided Rs. 12.13 crore for construction of this project under Himalayan Circuit of the Swadesh Darshan programme and Rs. 6 crore under UDAN-2 of Central Government. He said that this heliport would not only provide much needed relief to the high-end tourists visiting the State, besides being effectively used in case of medical emergency as this heliport was near IGMC, Shimla.
Jai Ram Thakur said that this three-storeyed heliport has all the modern facilities like reception counter, heliport manager office, ticket counter and VIP lounge etc. He said that the heliport also has Porata Cabin facilities for arrival of passengers, parking for 50 vehicles, deck for helicopter and safety net. He said that this heliport has spread in an area of 10.3 bigha land and has been beautified by mural painting and has been fully equipped with CCTV/Surveillance system. He said that heliports were also being constructed at Baddi, Rampur and Mandi under Udaan-2 scheme of Government of India. Chief Minister said that the State Government would soon send a proposal of construction of new heliports at Reckong Peo, Chamba, Dhalousie, Jhanjeli, Jawalaji etc. to the Ministry of Tourism and Civil Aviation which would give new fillip to tourism activities in these areas.
Jai Ram Thakur said that special emphasis was being laid on air connectivity along with four laning of National Highways connecting main tourist destinations in the State. At present there are 64 helipads in the state and 38 new helipads were being constructed by the state government, he added. Chief Minister said that heliports and helipads would prove beneficial in near feature from tourism, connectivity and emergency point of view. He said that these would also facilitate during rescue operations and in transporting patients to big hospitals in emergency situation. Heliport would prove boon in enhancing tourism and economic activities in Himachal Pradesh, he added.
Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, MLA Balbir Verma, BJP leaders Dr Parmod Sharma, Vijay Jyoti Sen, Vice Chairperson, H.P. Tourism Development Board Rashmi Dhar Sood, Principal Secretary Tourism Subhashish Panda, Director Tourism Amit Kashap, Deputy Commissioner Shimla Aditya Negi, S.P. Monika were also present on the occasion.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए पांच पुल समर्पित करने पर रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया
शिमला 28 दिसम्बर, 2021

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा देश् के चार राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 27 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बी.आर.ओ.) द्वारा किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर इस कार्यक्रम में शिमला से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश और मजबूत हुआ है और आज देश की सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं। देश की सीमाओं तक सम्पर्क सुविधा बढ़ी है और आधारभूत संरचना का भी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया है उनमें से पांच पुल हिमाचल प्रदेश में निर्मित किए गए हैं। मनाली-सरचू सड़क मार्ग पर बने कोठी-1 पुल, कोठी-2 पुल, कमांडर पुल और पातसियो पुल तथा पोवारी-पूह सड़क पर बने काशंग पुल देश की सुरक्षा में अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि लेह के लिए वैकल्पिक मार्ग पर बने ये पुल जम्मू और कश्मीर तथा लेह में तैनात हमारे सैनिकों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलों का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। इनसे लाहौल स्पीति के केलांग सहित लेह-लद्दाख के वासियों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। अब यहां से न सिर्फ भारी सैन्य वाहन सुगमता से गुजर सकेंगे बल्कि स्थानीय जनता भी लाभान्वित होगी। यहां से सेब, आलू, मटर, बादाम और अन्य फसलें बाहर ले जाने में सुविधा होगी। ये पुल किन्नौर जिले की आर्थिकी को बढ़ाने में भी अहम योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बीआरओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे से जुड़ी 102 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य पूरा कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और सुदूर क्षेत्रों में लोगों का जीवन सरल बनाने और इन क्षेत्रों की आर्थिकी में सुधार करने में बी.आर.ओ. का अहम योगदान है। इस अवसर पर प्रोजेक्ट दीपक, बी.आर.ओ, शिमला के कर्नल प्रणय डंगवाल और अधिशासी अभियंता पंकज कुमार शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने 11,581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं राज्य को समर्पित कीं
शिमला 27 दिसम्बर, 2021

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूरा होने के अवसर पर आज मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान से राज्य के लिए लगभग 11,581 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।
प्रधानमंत्री ने मण्डी से वर्चुअल माध्यम से हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा 2082 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट क्षमता की सावड़ा कुड्डू जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण किया। शिमला जिले में पब्बर नदी पर प्रसिद्ध हाटकोटी मंदिर के समीप निर्मित इस परियोजना से प्रतिवर्ष 386 करोड़ यूनिट विद्युत उत्पादन होगा और एचपीपीसीएल के माध्यम से राज्य को लगभग 120 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने सिरमौर जिले में गिरी नदी पर 7000 करोड़ रुपये के रेणुका जी बांध और हमीरपुर व कांगड़ा जिले में ब्यास नदी पर बनने वाले भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना को 688 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने शिमला और कुल्लू जिलों में सतलुज नदी पर 1811 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास भी किया।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ उनके भावनात्मक संबंध हैं। उन्होंने राज्य सरकार को चार साल का महत्वपूर्ण कार्यकाल पूर्ण करने के लिए भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र आबादी का टीकाकरण राज्य सरकार के समर्पित और प्रतिबद्ध प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एम्स, अटल टनल और चार चिकित्सा महाविद्यालय प्राप्त हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों के लिए जीवन की सुगमता सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें बिजली बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। आज शुरू की गई जल-विद्युत परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गिरी नदी पर बन रही श्री रेणुकाजी बांध परियोजना जब पूरी हो जाएगी तो एक बड़े क्षेत्र को इससे सीधा लाभ होगा। इस प्रोजेक्ट से जो भी आय होगी उसका भी एक बड़ा हिस्सा यहीं के विकास पर खर्च होगा।
प्रधानमंत्री ने नए भारत की बदली हुई कार्यशैली को दोहराया। पर्यावरण लक्ष्यों से जुड़े कार्यों की रफ्तार पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेगा। आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश जिस प्रकार से पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है, उसकी विश्वभर में प्रशंसा हो रही है। सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक, पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, देश रिन्यूएबल एनर्जी के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन के विषय पर कहा कि पहाड़ों को प्लास्टिक की वजह से जो नुकसान हो रहा है, हमारी सरकार उसे लेकर भी सतर्क है। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान के साथ ही हमारी सरकार, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम कर रही है। व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि हिमाचल को स्वच्छ रखने में प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखने में पर्यटकों का भी दायित्व बहुत बड़ा है। इधर-उधर फैला प्लास्टिक, नदियों में जाता प्लास्टिक, हिमाचल को जो नुकसान पहुंचा रहा है, उसे रोकने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा।
प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में दवा क्षेत्र के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यदि भारत को आज दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है, तो इसके पीछे हिमाचल की बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश ने ना सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है।
राज्य के शानदार प्रदर्शन के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में सबसे बाजी मार ली। यहां जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है।
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनी में गहरी रूची दिखाई।

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Hanuman Statue at Kahkoo, Shimla
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